January 13, 2026

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छत्तीसगढ़ लायंस

Whats- App स्टेटस पर हज़रत अमीर मुआविया रज़ि. के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी,… मनेंद्रगढ़ में लामबंद हुआ समाज

यीशै दास संभाग प्रतिनिधि (सरगुजा)की खास रिपोर्ट

इनसेट में –सिटी कोतवाली मनेंद्रगढ़ में मौजूद समाज के लोग
इनसेट में –पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र.

सुन्नी मुस्लिम संगठनों ने सिटी कोतवाली (मनेन्द्रगढ) पहुंच की FIR की मांग.

मनेन्द्रगढ/- गौरतलब है।कि- (Whats-App) स्टेटस पर इस्लाम के प्रतिष्ठित धार्मिक गुरु एवं (कातिब-ए-वही हज़रत अमीर मुआविया रज़ि.) के संबंध में कथित रूप से नफ़रत फैलाने वाले बयान प्रसारित किए जाने का मामला सामने आया है।

जिसको लेकर (मनेन्द्रगढ़ )के समस्त सुन्नी मुस्लिम धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं/अंजुमनों ने सिटी कोतवाली मनेन्द्रगढ़ में सामूहिक रूप से शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।

शिकायत में बताया गया है कि दिनांक 9 जनवरी 2026 को( वकार हुसैन ) नामक व्यक्ति द्वारा अपने Whats-App -Status पर लगातार (चार -स्टेटस -लगाए गए), जिनमें (हज़रत -अमीर -मुआविया- रज़ि. )के प्रति (अपमानजनक )एवं (भड़काऊ भाषा )का प्रयोग किया गया। संगठनों का कहना है। कि इन बयानों से सुन्नी मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएँ गंभीर रूप से आहत हुई हैं।

शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा कि (Whats-App -Status) एक सार्वजनिक डिजिटल माध्यम है ।और इस प्रकार की सामग्री का प्रसारण (सांप्रदायिक- सौहार्द )को नुकसान पहुँचा सकता है ।तथा क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका पैदा करता है। आरोप है कि -यह कृत्य जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण मंशा से किया गया।

2018 में भी दे चुका है। माफ़ीनामा

शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है. कि आरोपी द्वारा वर्ष 2018 में भी इसी प्रकार की धार्मिक टिप्पणी की गई थी, जिसके बाद थाना- मनेन्द्रगढ़ में उसने लिखित माफ़ीनामा दिया था। इसके बावजूद दोबारा वही कृत्य किया जाना आरोपी के आदतन अपराधी होने की ओर इशारा करता है।संगठनों ने बताया कि आपत्तिजनक( Whats-App- Status )को चलाते हुए किसी अन्य मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्डिंग की गई है, जो बिना किसी छेड़छाड़ के वास्तविक साक्ष्य है। साथ ही वर्ष 2018 का माफ़ीनामा भी शिकायत के साथ संलग्न किया गया है। संगठनों ने मांग की है। कि – आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की जाए, आरोपी का यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के अंतर्गत धार्मिक भावनाएँ जानबूझकर आहत करने, धार्मिक आधार पर वैमनस्य फैलाने और आपत्तिजनक सामग्री के सार्वजनिक प्रसारण से संबंधित अपराध की श्रेणी में आता है।


समस्त सुन्नी मुस्लिम धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं/अंजुमनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है ।कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के विरुद्ध FIR दर्ज कर सख्त एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।