यीशै दास संभाग प्रतिनिधि (सरगुजा)की खास रिपोर्ट











बता दें कि -एमसीबी जिला क्षेत्र अंतर्गत मनेंद्रगढ़ डीएफओ मनीष कश्यप के विरुद्ध उस समय जनप्रतिनिधि आक्रोशित हो गए जब भालू विचरण की सूचना देने गए जनप्रतिनिधियों से डीएफओ द्वारा की गई टिप्पणी से नाराज होकर मौके पर ही हंगामा ,और गहमागहमी, नारेबाजी चालू हो गई विदित हो कि उक्त भालू विचरण की जानकारी देने गये विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव ,सहित नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव, एवं नगर पालिका उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र पटवा पहुंचे थे। वहीं उक्त जानकारी डीएफओ को देने पश्चात जनप्रतिनिधियों द्वारा डीएफओ मनीष कश्यप को यह कहा गया कि आप हम जनप्रतिनिधियों का फोन नहीं उठाते हैं।अगर आप फोन उठा लेते तो हमको यहां नहीं आना पड़ता उक्त बात से नाराज़ हो तत्काल डीएफओ मनीष कश्यप ने अपने सुरक्षाकर्मियों को घटी बजा कर बुलाकर जनप्रतिनिधियों को बाहर निकालने की बात कह डाली ऐसी जानकारी प्राप्त हुई है ।
जिससे जनप्रतिनिधि उक्त संबंध में मौके पर ही बाहर निकल कर नारेबाजी करते हुए कड़ी धुप में धरने पर बैठ कर विरोध जताया जिस बात की भनक लगते ही और भी पार्षद गण सहित भाजपा – कांग्रेस के जनप्रतिनिधि भारी संख्या में उमड़ पड़े ।
मामला बिगड़ता देख तत्काल सिटी कोतवाली मनेंद्रगढ़ पुलिस, थाना झगराखाड, एवं नागपुर चौकी की संयुक्त पुलिस टीम एवं एसडीओपी ए. टोप्पो पहुंच कर मौके पर घटनास्थल पर डटे रहे।
और जनप्रतिनिधियों द्वारा डीएफओ को बर्खास्त करने एवं मनीष कश्यप हाय- हाय , ये अधिकारी नहीं तानाशाही है।जैसे- नारे लगाए गये वहीं उक्त विषय की जानकारी मिलते ही भा.ज.पा जिलाध्यक्ष एमसीबी श्रीमती चंपादेवी पावले भी पहुंच गई देर शाम कड़ी मशक्कत एवं भरतपुर – सोनहत विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, पुर्व विधायक भरतपुर – सोनहत गुलाब कमरों , पुर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजकुमार केसरवानी, एसडीएम मनेंद्रगढ़ के पहुंचने पर लगभग 5 घंटे बाद देर शाम यह तय किया गया कि – आप सभी जनप्रतिनिधि डीएफओ मनीष कश्यप से बैठ कर मुलाकात करे ।जिससे मामले को शांत कराया जा सके के निर्णय पर समस्त जनप्रतिनिधियों भरतपुर – सोनहत विधायक,नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पार्षदगण और कांग्रेस के पुर्व विधायक, पुर्व अध्यक्ष सहित तमाम जनप्रतिनिधियों द्वारा बैठक पश्चात डीएफओ के गलती स्वीकार कर लेने एवं सभी लोगों का सम्मान करने की बात पर समझौता कर लिया वहीं जनप्रतिनिधियों द्वारा उक्त संबंध की बाहर निकलकर जानकारी दी तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
उक्त विरोध दौरान भरतपुर – सोनहत विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव , विधायक प्रतिनिधि उमेश जयसवाल,जिला अध्यक्ष भा.ज.पा श्रीमती चंपादेवी पावले,जिला उपाध्यक्ष आशीष सिंह , आनंद ताम्रकार, आदित्य अग्रवाल ,राजेश रजक ,राजेश सोधिया, पुर्व विधायक भरतपुर – सोनहत गुलाब कमरों ,नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव , उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र पटवा , सपन महतो ,जमील शाह , दयाशंकर यादव , अनिल प्रजापति, इमरान खान उर्फ टनटू ,कल्लू मेमन ,रवि जैन ,अंकित शर्मा,हरित शर्मा ,जलील शाह , अजय जयसवाल , रामधुन जयसवाल,रवि जैन , प्रवक्ता कांग्रेस सौरभ मिश्रा , सौपनिल सिन्हा ,सहित काफी संख्या में महिलाएं और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रही ।
अब देखना यह होगा कि- बरहाल मामला तो शांत हो गया है।और जनप्रतिनिधि भी अपने -अपने घर चले गए हैं। किंतु जनप्रतिनिधियों के कड़े तेवर का क्या असर होता है।ये तो आगे समय ही तय करेगा -ऐसा सुत्र बताते हैं।
सवाल तो बनता है,सवाल लाजिमी है???
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