March 3, 2026

Chhattisgarh Lions

छत्तीसगढ़ लायंस

वन विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में…शहरी क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे भालू…. आखिरकार जिम्मेदार कौन???

यीशै दास संभाग प्रतिनिधि (सरगुजा)की खास रिपोर्ट

गौरतलब है ।कि- इन दिनों एमसीबी जिला क्षेत्र अंतर्गत मनेंद्रगढ़ नगर में भालूओं का लगातार विचरण करना शहरवासियों के सर दर्द बनता जा रहा।जिसका लगातार अपडेट सोशल मीडिया माध्यम सजग और जागरूक नागरिक लगातार डाल कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास तो कर रहे वह सराहनीय भूमिका है।
किंतु बात कि जाए – तो मनेंद्रगढ़ उक्त सभी संयुक्त जिले का मुख्यालय वाला जिला है ।जहां तमाम आला-अधिकारियों का निवास एवं कार्यालय भी स्थापित है ।
वहीं बात की जाए वन्यजीवों की रक्षा करने वाले वन विभाग की तो वे लगातार सुर्खियों में बने रहने की आदत ही बना चुके हैं।फिर चाहे जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार का ही मामला ही क्यों न हो???या फिर विपक्ष द्वारा लगाए गए बैनर/ फ्लैक्सी कान में जूं ही नहीं रेंगती आखिरकार कोई जान-माल की हानी होने के बाद ही उठाए जाएंगे सार्थक कदम ???
उक्त भालूओं के विचरण की बात सिर्फ शहर तक की समस्या बन कर नहीं रह गई है। कोयलांचल क्षेत्र लेदरी, झगराखाड, चनवारीडाड इत्यादि गांव से लेकर शहर तक उक्त समस्या निर्मित हो रही है।जिसका लगातार अपडेट सोशल मीडिया माध्यम भालू और उनके शावकों का  विचरण करने का निकलकर सामने आता रहता है। उक्त घटना से नगर वासियों में धीरे -धीरे आक्रोश व्याप्त होता जा रहा है। अंदेशा यह भी व्यक्त किया जा रहा कि -कोई जनहानि पश्चात आक्रोश और भी बढ़ सकता है।कारण कुछ दिनों पुर्व झगराखाड रोड़ में दोपहर को ही भालू विचरण करते विडियो वायरल हुआ था । जिन्हें पकड़ने वन विभाग सुस्त नजर आ रहा ऐसा सुत्र बताते हैं।अगर भालू विचरण से बचाव अब भी नहीं किया गया तो निश्चित ही कोई आमजनों के साथ बड़ी घटनाए होने से नकारा नहीं जा सकता उक्त वजह से शहरवासियों में डर का माहौल बना हुआ है।
सवाल तो पुछती है। मनेन्द्रगढ शहर की जनता, आखिर कैसे मिल सकेगा भालू विचरण के दहशत से निजात ???

आखिरकार इन सबके पीछे जिम्मेदार‌ कौन??? वन विभाग या फिर आम नागरिक कैसे मिलेगी भालू विचरण से मुक्ति???सवाल तो बनता है??? सवाल लाजिमी है???? सतर्क रहे, सुरक्षित रहे।