
हम आपको बता दें कि एन एच-43 बैकुंठपुर रोड अंतर्गत जंगली जानवरों के रोकथाम एवं उनकी सुरक्षा हेतु सड़क के अगल-बगल वन अमले द्वारा तार की जाली नहीं लगवाए जाने के परिणाम स्वरूप कुछ छोटे आकार वाले जानवर जैसे लोमड़ी सहित गांवों के कुत्ते भी चार पहिया वाहनों की चपेट में आकर सड़क पर ही ढेर हो जाते हैं जिन्हें सड़क से तत्काल फेंकवाने की जिम्मेदारी उक्त क्षेत्रों के सरपंच सचिवों सचिवों की बताई जा रही है लेकिन उक्त क्षेत्रों के सरपंच ,सचिव जो अपनी जिम्मेदारियों से मुंह चुरा निकल लेते हैं और वहीं सड़क पर ही पड़े पड़े उक्त जानवर सड़ गल जाते हैं जिसमें से निकलने वाली सडाहट, दुर्गद से उक्त क्षेत्र से गुजरने वाले राहगीरों का सांस लेना दूभर हो जाता है जिसका असर उक्त क्षेत्र के उक्त क्षेत्रों में निवासरत लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है लेकिन उक्त मार्ग से अक्सर गुजरने वाले जिम्मेदार जनप्रतिनिधि उक्त दिशा में एक्शन नहीं लेते जबकि इस तरह की लापरवाही बरतने वाले वन अमलों सहित सरपंच/सचिवों के विरुद्ध स्वास्थ्य अमलो भी एक्शन लेना चाहिए किंतु इनके द्वारा भी उक्त दिशा में कोई कार्यवाही नहीं की जा रही केवल लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कराते नजर आ रहे हैं जिसमें स्वास्थ्य अमला भी दोषी है….
कलेक्टर कोरिया ध्यान दें


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